आज के समय में प्रत्येक व्यक्ति स्वास्थ्य के लिए चिंतित व परेशान रहता है क्योकि भारत में हर 10 वां व्यक्ति इस समस्या से ग्रसित है, लेकिन जब बात इलाज की आती है, तो अक्सर आर्थिक बोझ सबसे बड़ी चिंता बन जाता है। किसी भी आम परिवार के लिए अचानक आए मेडिकल खर्च एक तूफान की तरह होते हैं, जो जीवन की स्थिरता को हिला सकते हैं। ऐसे में एक सवाल उठता है — क्या कोई ऐसी व्यवस्था हो सकती है जो हमें आर्थिक रूप से तैयार रखे, बिना किसी अतिरिक्त बोझ के?
इसी समस्या को फेस करने के उपरांत, ProSev (लाभ + सेवा) का जन्म हुआ।
ProSev एक अनूठी पहल है जो आपके रोजमर्रा की खरीदारी को एक हेल्थ-सिक्योरिटी सिस्टम में बदल देती है। यह सिर्फ एक शॉपिंग प्लेटफ़ॉर्म नहीं, बल्कि एक सेवा-प्रणाली है जो “लाभ” और “सेवा” दोनों को साथ लेकर चलती है।
⇒ बीमारी के खर्च: एक अनदेखा खतरा
भारत में हर साल लाखों लोग इलाज के खर्चों के कारण गरीबी की रेखा से नीचे चले जाते हैं। आंकड़े बताते हैं कि:
हर 10 में से 7 लोग मेडिकल खर्च की वजह से कर्ज़ में डूब जाते हैं।
निजी अस्पतालों में इलाज का खर्च औसतन ₹30,000 से ₹3 लाख तक पहुंच सकता है।
आम बीमा पॉलिसी हर किसी की पहुंच में नहीं होती और उनके क्लेम प्रोसेस भी जटिल होते हैं।
तो सवाल उठता है — आम आदमी क्या करे?
ProSev (लाभ+सेवा): समाधान की ओर एक कदम
ProSev इस समस्या का समाधान एक अनोखे मॉडल से करता है। इसका उद्देश्य है कि जो पैसा ग्राहक मार्केट में खर्च करता है, उसका लाभ किसी दुकानदार को नहीं, बल्कि उसी ग्राहक को वापस मिले – इलाज के समय।
यह मॉडल कहता है:
“आपका खर्च, आपका फंड – भविष्य की मेडिकल जरूरतों के लिए!”
